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प्रचार अभियान के दौरान राजनैतिक दल रह-रह कर दे रहे इंदिरा के आपातकाल का हवाला

प्रचार अभियान के दौरान राजनैतिक दल रह-रह कर इंदिरा के आपातकाल का हवाला दे रहे हैं चुनाव के दौरान आपातकाल का जिक्र कर राजनैतिक दल मतदाताओं को अपने पक्ष में लाने की प्रयास कर रहे हैं दरसअल, 1971 के लोकसभा चुनाव में से चुनाव लड़ा था इस सीट पर के समाजवादी नेता राजनारायण से था इस चुनाव में 1लाख 83 हजार 309 वोट पाकर इंदिरा ने जीत हासिल की थी

वहीं राजनारायण सिर्फ 71 हजार 499 वोट पाकर चुनाव पराजय गए थे जिसके बाद, राजनारायण ने इंदिरा की इस जीत को इलाहाबाद न्यायालय में चुनौती दे दी थी चुनावनामा में आज बात करते हैं आपातकाल से जुड़े विभिन्‍न पहलुओं की

समाजवादी राजनारायण ने इंदिरा पर लगाए थे 14 आरोप 
इलाहाबाद न्यायालय में दाखिल किए गए इस मामले में राजनारायण ने इंदिरा पर कुल 14 आरोप लगाए थे जिसमें सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग करना, तय सीमा से अधिक राशि खर्च करना  मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए गलत तरीके से सरकारी संसाधनों का इस्‍तेमाल करना जैसे आरोप भी शामिल थे करीब चार वर्ष तक चले इस मामले में न्यायालय ने सभी आरोपों को सही पाया  12 जून 1975 को जस्टिस जगमोहन लाल ने रामनारायण के पक्ष में निर्णय सुना दिया न्‍यायालय ने इंदिरा का निर्वाचन रद्द करते हुए अगले पांच वर्ष तक चुनाव लड़ने पर रोक लगा दी

हाईकोर्ट के निर्णय को इंदिरा ने दी सुप्रीम न्यायालय में चुनौती 
न्यायालय के इस निर्णय के विरूद्ध इंदिरा गांधी ने सुप्रीम न्यायालय में दस्‍तक दी 24 जून 1975 को दिए अपने निर्णय में सुप्रीम न्यायालय ने एक तरफ इलाहाबाद न्यायालय के निर्णय को बरकरार रखा, वहीं दूसरी तरफ इंदिरा गांधी को पीएम बने रहने की इजाजत दे दी सुप्रीम न्यायालय का आदेश आने के बाद जयप्रकाश नारायण ने देशव्‍यापी आंदोलन चलाकर इंदिरा गांधी पर इस्‍तीफा देने का दबाव बनाना प्रारम्भ कर दिया इधर, इंदिरा गांधी ने इस पूरे घटनाक्रम को अपने विरूद्ध साजिश बताया  25 जून 1975 को इंदिरा गांधी ने राष्‍ट्रपति से आपातकाल लागू करने की सिफारिश कर दी

25 जून 1975 को इंदिरा ने राष्ट्र में लागू किया आपातकाल 
25 जून 1975 को इंदिरा गांधी ने आपातकाल का अध्‍यादेश तत्‍कालीन राष्‍ट्रपति के पास मंजूरी के लिए भेज दिया इंदिरा गांधी के कहने पर तत्‍कालीन राष्‍ट्रपति फखरुद्दीन अली अहमद ने अध्‍यादेश पर हस्‍ताक्षर कर दिए जिसके बाद, इंदिरा गांधी ने इंडियन संविधान की धारा 352 का हवाला देते हुए राष्ट्र में आपातकाल घोषित कर दिया यह आपातकाल करीब 21 महीने तक चला 18 जनवरी 1977 को इंदिरा गांधी ने लोकसभा खत्म करने की घोषणा के साथ राष्ट्र को बताया कि मार्च में अलगे चुनाव कराए जाएंगे जिसके बाद 21 मार्च 1977 को आपातकाल खत्‍म होने की घोषणा कर दी गई

अपने विरूद्ध साजिश बता विरोधियों को भेजा था जेल
25 जून 1977 की रात आपातकाल लागू करने से पहले इंदिरा गांधी ने राष्ट्र के नाम दिए संदेश में पूरे प्रकरण को अपने विरूद्ध साजिश बताया था आकाशवाणी में प्रसारित अपने संदेश में उन्‍होंने बोला कि जब से मैंने आम आदमी  राष्ट्र की स्त्रियों के फायदे के लिए कुछ प्रगतिशील कदम उठाए हैं, तभी से मेरे विरूद्ध गहरी साजिश रची जा रही है आपातकाल लागू होने के बाद, इंदिरा गांधी ने अपने तमाम विरोधियों को सलाखों के पीछे भेज दिया था इन विरोधियों में जयप्रकाश नारायण, अटल बिहारी वाजपेयी, लाल कृष्‍ण आडवाणी, जार्ज फर्नांडिस जैसे नेता भी शामिल थे

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