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ट्रेन लेट होने से परेशान यात्रियों की सुविधा के लिए अब ट्रेनों के लिए बनेगा ये फ्लाईओवर

रेल यात्रियों के लिए खुशखबरी. ट्रेन लेट होने से परेशान यात्रियों की सुविधा के लिए अब ट्रेनों को निकालने के लिए राष्ट्र के सबसे बिजी 250 स्टेशनों पर रेल फ्लाईओवर का निर्माण किया जाएगा. इसकी घोषणा 2017 में रेलवे बोर्ड ने की थी. अब इस घोषणा को अमली जामा पहनाया जाएगा. फिल्हाल रेलवे ने इस प्रोजेक्ट के लिए राष्ट्र के दो स्टेशनों को चुना है.

इटावा  नयी दिल्ली में बनेगा रेल फ्लाईओवर

रेलवे बोर्ड के चेयरमैन वीके यादव ने बताया कि राष्ट्र के दो स्टेशनों पर इस फ्लाईओवर का निर्माण किया जाएगा. पहले चरण में फिल्हाल नयी दिल्ली रेलवे स्टेशन  यूपी के इटावा जंक्शन स्टेशन में इन फ्लाईओवर का निर्माण किया जाएगा. इससे ट्रेनें सीधे प्लेटफॉर्म पर आ सकेंगी. नयी दिल्ली में यह फ्लाईओवर तिलक ब्रिज के पास बनेगा  सीधे स्टेशन पर उतरेगा. इससे गाड़ियों को बिना रोके सीधे प्लेटफॉर्म पर लाने की सुविधा मिलेगी.

तिलक ब्रिज पर रुकती है प्रत्येक गाड़ी

नयी दिल्ली स्टेशन पर पूर्व  दक्षिण दिशा की तरफ से आने वाली प्रत्येक गाड़ी को तिलक ब्रिज पर रोककर चलाया जाता है. इन गाड़ियों में शताब्दी और राजधानी जैसी सुपरफास्ट प्रीमियम गाड़ियां भी शामिल हैं. ऐसा इसलिए होता है क्योंकि लाइन खाली नहीं होती है, जिस वजह से गाड़ियों को रोकना पड़ता है. कई बार गाड़ी को तिलक ब्रिज से नयी दिल्ली पहुंचने में एक घंटे से अधिक का समय लग जाता है.

यहां पर जल्द प्रारम्भ होगा काम

यूपी के इटावा जंक्शन रेलवे स्टेशन पर इस तरह का रेल फ्लाईओवर बनाने की घोषणा सबसे पहले हुई थी. रेल मंत्रालय ने 2017 में इस बात की घोषणा की थी. यह फ्लाईओवर करीब 10.978 किलोमीटर लंबा होगा. यह फ्लाईओवर हावड़ा-दिल्ली, इटावा-भिंड-आगरा  इटावा-मैनपुरी रेलवे लाइन के जंक्शन पर बनेगा. इस फ्लाईओवर से उन गाड़ियों को निकाला जाएगा, जिनका इटावा में ठहराव नहीं है. इससे मौजूदा रेलवे लाइन पर बहुत ज्यादा बोझ कम होगा. इसमें मालगाड़ियां भी शामिल होंगी.

इतनी है लागत

इटावा में बनने वाले रेल फ्लाईओवर की लागत करीब 894.47 करोड़ रुपये है  रेलवे इसको 2020-21 तक बनाकर तैयार कर देगी. इन दोनों रेल फ्लाईओवर के बन जाने के बाद रेलवे अन्य स्थान पर इसका निर्माण प्रारम्भ करेगी. रेलवे ने यात्रा में लगने वाले समय को कम करने के लिए वंदे हिंदुस्तान एक्सप्रेस (टी 18)  गतिमान एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों को प्रारम्भकिया है. फिल्हाल वंदे हिंदुस्तान दिल्ली-वाराणसी के बीच  गतिमान हजरत निजामुद्दीन-आगरा कैंट तक चलती है. भविष्य में रेलवे इस तरह की ट्रेनों को  चलाएगा.
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